आरोग्य, दीर्घायु व अकाल मृत्यु के भय से रक्षा हेतु 1.25 लाख जाप व हवन सहित मुहूर्त-प्रमाणित अनुष्ठान — उज्जैन में।
महामृत्युंजय मंत्र (ॐ त्र्यम्बकं यजामहे...) को मृत्यु से रक्षा करने वाला ‘मृत्युंजय’ मंत्र कहा गया है। रोग, मानसिक तनाव व असमय या अकाल मृत्यु के भय से मुक्ति हेतु इसका अनुष्ठान किया जाता है।
अनुष्ठान में संकल्प से वैदिक गणना कर शिवलिंग पर अभिषेक, 1.25 लाख जाप, हवन व पूर्णाहुति शामिल है; यजमान के बिना (लाइव विधान) भी संभव है।
अवधि
1 दिन (जाप) व 3 दिन (अनुष्ठान)
स्थल
सिद्धवट / गृह
यजमान
1 व्यक्ति
कुंडी मध्य स्थापित, रुद्राक्ष माला से मंत्र जाप।
शिवलिंग पर पंचामृत व जल से अभिषेक।
महामृत्युंजय मंत्र की समिधाओं से आहुतियां।
आयुष्य मंत्र पाठ व गुरु-मंत्र सहित सम्पन्न।
समस्त सामग्री व्यवस्था उज्जैन में हम करते हैं — यजमान को केवल समय देना है।
सोमवार, प्रदोष काल, महाशिवरात्रि व सावन सोमवार महामृत्युंजय अनुष्ठान के लिए अत्यंत शुभ माने गए हैं।