✦ प्रमुख अनुष्ठान

कालसर्प दोष शांति पूजा

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राहु-केतु की छाया से मुक्ति का सर्वश्रेष्ठ अनुष्ठान — शिप्रा तट / सिद्धवट, उज्जैन पर विधिपूर्वक संपन्न।

कालसर्प दोष शांति पूजा उज्जैन Kaal Sarp Dosh Shanti Puja Ujjain
placeशिप्रा तट / सिद्धवट, उज्जैन scheduleअमावस्या / नाग पंचमी
पूजा परिचय

राहु-केतु की महादशा से मुक्ति के लिए

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जब कुंडली में राहु और केतु आपस में (कर्क-मकर रेखा पर) स्थित हों तो कालसर्प दोष बनता है। इसका प्रभाव व्यक्ति के जीवन में अनिश्चितता, मानसिक तनाव, अस्थिर सफलता, धन-हानि व विवाह में बाधा के रूप में दिखता है।

इस अनुष्ठान में शास्त्रसम्मत 9 बार कालसर्प पूजा, जल दान, नाग देव की अर्चना व 11 मंत्रों से हवन किया जाता है। पूजा के पश्चात यजमान को गुरु-मंत्र, पूजा वस्त्र व प्रसाद भेजा जाता है।

schedule

अवधि

3-4 घंटे

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स्थल

शिप्रा तट

person

यजमान

1 व्यक्ति

पूजा विधि

संपूर्ण अनुष्ठान की विधि

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1

शिप्रा स्नान व संकल्प

मंगल भगवती का आह्वान कर शिप्रा तट पर स्नान, उपवास व संकल्प लिया जाता है।

2

नाग देव अर्चना व जल दान

नाग देव को दूध-जल व पुष्पांजलि, सर्प-मंत्र पाठ और श्रद्धा से दान।

3

11 मंत्रों का हवन

राहु-केतु समेत समस्त ग्रहों के 11 मंत्रों से जागृत अग्नि में आहुतियां।

4

पूर्णाहुति, दान व आशीर्वाद

पूर्णाहुति, दान-दक्षिणा, गुरु-मंत्र, कुंडली पर जलार्पण व आशीर्वाद से विधि सम्पन्न।

inventory_2पूजा सामग्री (शास्त्रोक्त)

  • सोमवती अमावस्या जल, कुशा-तिल
  • नाग रूपी प्रतिमा / रेखाओं का स्थान
  • दूध, दही, घी, शहद, मिश्री, फल
  • सरसों, गुड़, काला तिल, कपास धागा
  • 11 प्रकार के पुष्प, कुमकुम, अक्षत
  • पूजा वस्त्र, रुद्राक्ष/जप माला, पंचपल्लव

समस्त सामग्री व्यवस्था उज्जैन में हम करते हैं — यजमान को केवल समय देना है।

auto_awesomeपूजा के लाभ

  • राहु-केतु की महादशा/अंतर्दशा के अशुभ फलों में कमी
  • मानसिक तनाव, चिंता व भय से मुक्ति
  • रुके कार्यों में गति, भाग्योदय व संयम की प्राप्ति
  • विवाह में आ रही बाधाओं की समाप्ति
  • ग्रह शांति से घर-परिवार में सुख-समृद्धि
शुभ मुहूर्त व बुकिंग

आज ही मुहूर्त देख कर पूजा तय करें

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कालसर्प दोष शांति के लिए सोमवती अमावस्या, नाग पंचमी व राहु काल-रहित शुभ मुहूर्त सर्वोत्तम माने गए हैं। अपनी कुंडली भेजें — शीघ्र ही सटीक मुहूर्त व विधि बताएँगे।

सामान्य प्रश्न

कालसर्प दोष शांति से जुड़े सवाल

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कालसर्प दोष कब बनता है? expand_more
जब जन्म कुंडली में राहु-केतु एक-दूसरे के सामने 180° पर होते हैं और शेष सातों ग्रह उनके बीच में कैद हों तो कालसर्प दोष बनता है। सटीक निर्धारण के लिए कुंडली देखना आवश्यक है।
यह पूजा सबसे अच्छी कहाँ होती है? expand_more
उज्जैन में शिप्रा तट, रामघाट व सिद्धवट को इस अनुष्ठान के लिए सर्वोत्तम माना गया है। विदेशी यजमानों के लिए वीडियो कॉल पर लाइव विधान भी संभव है।
पूजा के दिन क्या करना चाहिए? expand_more
प्रातः स्नान करें, साफ-सफेद या पीले वस्त्र धारण करें और मन में केवल ईश्वर का ध्यान रखें। पूजा विधि और सामग्री का पूरा क्रम हमारी तरफ से रहता है।
दोष दूर होने का समय कितना लगता है? expand_more
पूजा का फल संकल्पानुसार शीघ्र दिखने लगता है, पर पूर्ण संतुलन में कुछ समय लग सकता है। नियमित गुरु-मंत्र जाप से लाभ स्थिर रहता है।
अन्य सेवाएं

ये पूजाएं भी उज्जैन में करवा सकते हैं

सभी पूजा सेवाएं देखें arrow_forward
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