पंडित जी से एक विनम्र परिचय
पंडित नकुल शर्मा जी शास्त्रीय परंपरा से सम्पन्न एक ऐसे कर्मकांडी पंडित हैं, जिन्होंने अपनी विनम्रता, सहजता और निष्ठा से उज्जैन सहित देश-विदेश के हजारों यजमानों का विश्वास जीता है। उनका विश्वास इसी सरल सिद्धांत पर टिका है — पूजा केवल कर्मकांड नहीं, यजमान के मन का भार उतारने का माध्यम है।
उन्होंने अपने गुरुजनों से वेद-शास्त्र, ज्योतिष एवं कर्मकांड का संरक्षित ज्ञान ग्रहण किया और उसे शिप्रा तट, सिद्धाश्रम एवं महाकालेश्वर क्षेत्र के सिद्ध पीठों पर विधि-विधान से साधा। हर पूजा में वे संकल्प से लेकर आहुति तक — हर अक्षर-अक्षर का निर्वहन शास्त्रानुसार करते हैं।
हमारा संकल्प
श्रद्धा · शास्त्र · सेवा
"जिसे संसार ने अशुभ माना है, उसे शास्त्र ने चिकित्सा का विधान दिया है। मेरा कर्तव्य — शास्त्र, श्रद्धा और समय का संगम कर यजमान को स्थान-काल की भूल से मुक्ति दिलाना है।"
पंडित नकुल शर्मा
वैदिक कर्मकांडी · ज्योतिषाचार्य
गुरु-शिष्य परंपरा से सींचित ज्ञान
कोई भी विधा पाठ्यपुस्तकों से पूर्ण नहीं होती — यहाँ का ज्ञान विद्यालय से नहीं, सरस्वती और आचार्यों के चरणों से प्राप्त परंपरा है।
वैदिक शिक्षा
आचार्य गुरुजनों के सानिध्य में संस्कृत, वेद-मंत्र एवं कर्मकांड ग्रंथों का परिश्रमपूर्वक अध्ययन — ताकि हर मंत्र का उच्चारण सहस्रों वर्षों की शुद्धता के साथ हो।
ज्योतिष अध्ययन
जन्म कुंडली, ग्रह-दशा, गोचर एवं शुभ-अशुभ योगों का व्यावहारिक विश्लेषण — ताकि दोष का निदान सही, और समाधान समय पर हो।
उज्जैन में सेवा
शिप्रा तट, महाकालेश्वर एवं सिद्धाश्रम के पवित्र स्थलों पर अनुष्ठान — जहाँ साधना की स्थानीय ऊर्जा अनुभव से जुड़कर यजमान को और गहरा विश्वास देती है।
अध्ययन से सेवा तक का सफर
चरण 1
मंत्र-विद्या अध्ययन
श्रुति व स्मृति की नींव पर वेद एवं कर्मकांड की प्रारंभिक शिक्षा।
चरण 2
ज्योतिष साधना
कुंडली, ग्रह-दशा और दोष निर्धारण की बारीकियों में निपुणता।
चरण 3
अनुष्ठान का अभ्यास
शिप्रा तट व मंदिरों में वरिष्ठ आचार्यों की देखरेख में अनेकानेक पूजन।
चरण 4
पूर्ण सेवा-काल
हजारों यजमानों के साथ, धर्मनगरी उज्जैन से देश-विदेश तक सेवा।
जिन सिद्धांतों पर टिकी है हर पूजा
शास्त्र प्रमुख
हर विधि ग्रंथानुसार, बिना किसी कटौती के।
समय-पाबंदी
नियत मुहूर्त पर ही पूजा प्रारंभ, कर्मकांड की सफलता की कुंजी।
वैयक्तिक विचारणा
हर कुंडली अलग; हर यजमान के लिए अलग समाधान।
भक्ति का सम्मान
यजमान की आस्था ही असली शक्ति; हम केवल माध्यम।
जिन अनुष्ठानों पर है विशेष पकड़
कालसर्प दोष शांति
राहु-केतु जन्य अवरोधों से मुक्ति हेतु शास्त्रोक्त पूजन एवं नाग देव अर्चना।
मंगल भात पूजा
मंगलनाथ में भात पूजा से मांगलिक अवरोध, विवाह-सुख एवं धन-संपत्ति की बाधाओं का निवारण।
महामृत्युंजय अनुष्ठान
आरोग्य, दीर्घायु व संकट-नाश हेतु 1.25 लाख महामृत्युंजय जाप और हवन।
सूर्य-चंद्र ग्रहण शांति
ग्रहण जन्म के प्रभावों का शमन तथा मानसिक शांति व मंगल कार्यों में सहजता।
गुरु चांडाल दोष शांति
ज्ञान, शिक्षा व बुद्धि की रुकावट दूर करने हेतु गुरु-राहु दोष निवारण विधान।
रुद्राभिषेक
शिवलिंग पर एकादश रुद्री अभिषेक — पाप-मोचन, कृपा व मनोकामना की पूर्ति।
कुंभ विवाह व अर्क विवाह
मांगलिक विवाह-अवरोध दूर करने के प्रचलित विधान — कुंभ व अर्क संस्कार।
नक्षत्र शांति
जन्म नक्षत्र के अशुभ प्रभावों का निराकरण — बाधा-क्षय, दीर्घायु व उन्नति।
ग्रह शांति
दुर्बल/अशुभ ग्रहों की अग्निहोत्र से शांति — संतुलन, सफलता व समृद्धि।
बगलामुखी जाप व हवन
शत्रु-नाश, वाद-विवाद व बाधाओं से रक्षा हेतु सिद्ध जाप-हवन — उज्जैन व नलखेड़ा।
पूजा किस प्रकार संपन्न होती है
संकल्प
यजमान के नाम, गोत्र, जन्म विवरण सहित शुभ मुहूर्त पर वैदिक संकल्प।
पूजन व मंत्रोच्चार
गणपति पूजन से प्रारंभ होकर मुख्य देवता का विधिवत षोडशोपचार पूजन।
होम व आहुति
अग्नि देवता को निर्धारित मंत्रों की गणना के साथ स्वाहा समेत सम्पूर्ण आहुति।
प्रसाद व आशीर्वाद
पूर्णाहुति, क्षमा प्रार्थना, आचमन एवं प्रसाद-वितरण के साथ पूजा का समापन।
यजमानों की आस्था में परिणत 15 वर्ष
"कालसर्प दोष की पूजा पंडित जी से कराई। स्थान, समय और विधि — तीनों का पूरा निर्वहन हुआ। मन के संकल्प सचमुच शांत हुए।"
आशीष मालवीय
कालसर्प दोष पूजा
"विदेश से ऑनलाइन पूजा कराई। वीडियो कॉल पर लाइव विधान, संकल्प सहित सब कुछ बताया। बहुत शांति महसूस हुई। अत्यंत अनुशासित पंडित जी।"
सुनीता अग्रवाल
ऑनलाइन लाइव पूजा
"माता-पिता के ग्रह-नक्षत्र दोष के लिए ग्रह शांति होम कराया। पंडित जी का मंत्रोच्चार और मार्गदर्शन अद्भुत। पूरे परिवार को बड़ा सुकून मिला।"
राहुल शर्मा
ग्रह शांति होम
अब समाधान केवल एक व्हाट्सएप दूर है
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