ग्रहण काल में जन्म या ग्रहण-प्रभाव से उत्पन्न अशुभ योगों की शांति — सिद्धवट/शिप्रा तट, उज्जैन पर विधिपूर्वक संपन्न।
ग्रहण (सूर्य/चंद्र) के समय जन्म लेने वालों पर इसका अशुभ फल माना जाता है — स्वास्थ्य, मानसिक शांति व मंगल कार्यों में रुकावटें आती हैं।
ग्रहण शांति अनुष्ठान में जन्म ग्रहण के अनुसार ग्रह-नक्षत्र अर्चना, मंत्र जाप व हवन किया जाता है; ग्रहण दोष से मुक्ति मिलती है और घर में सुख-समृद्धि आती है।
अवधि
2-3 घंटे
स्थल
सिद्धवट
यजमान
1 व्यक्ति
ग्रहण नक्षत्रानुसार संकल्प व शांति पाठ।
सूर्य/चंद्र के ग्रह देव-मंत्रों से पूजन।
ग्रहण शांति मंत्रों से जागृत अग्नि में आहुति।
रोग-दान व गुरु-मंत्र सहित सम्पन्न।
समस्त सामग्री व्यवस्था उज्जैन में हम करते हैं — यजमान को केवल समय देना है।
ग्रहण शांति ग्रहण समाप्ति के बाद नियत मुहूर्त में सर्वोत्तम मानी जाती है — कुंडली भेजें, सटीक मुहूर्त बताएँगे।